आईटीआई कॉलेज नए भवन में संचालन शुरू करने के निर्देश, नई ट्रेडों से बढ़ेंगे युवाओं के रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान में उसी दिन निराकरण और जनसुनवाई आवेदनों की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने सोमवार को सप्ताहिक समय-सीमा बैठक में आईटीआई प्राचार्य के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि आईटीआई कॉलेज बमोरी का संबंधित पीआईयू एवं अन्य विभागों से समन्वय कर शीघ्र संचालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आईटीआई किराए के भवन में संचालित हो रही है, ऐसे में नए कॉलेज भवन का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आगामी सत्र में शुरू होने वाली पांच नई ट्रेडों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार कर विद्यार्थियों को जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इनमें प्रवेश लेकर कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न रोजगार के अवसरों का लाभ ले सके।
कौशल विकास को प्राथमिकता दें
कलेक्टर ने कहा कि आईटीआई में नई स्ट्रीम और ट्रेडों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाना आवश्यक है। कौशल विकास युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आईटीआई से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता पर लेते हुए आगामी टीएल बैठक तक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पेयजल और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान
बैठक में पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पीएचई विभाग को व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वही नगरीय निकाय को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रभावी प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान में उसी दिन निराकरण पर जोर
कलेक्टर ने प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान में सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के प्रकरण महत्वपूर्ण हैं। इन दोनों श्रेणियों के प्रकरणों को प्राथमिकता से लेते हुए जहां संभव हो, उसी दिन निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध निराकरण करना है।
जनसुनवाई के आवेदनों की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर ने जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को गूगल शीट के माध्यम से संबंधित विभागों को उपलब्ध कराकर उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों का निराकरण तत्काल संभव है, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए। जिन प्रकरणों का निराकरण संभव नहीं है, उनमें स्पष्ट कारण अंकित किया जाए। प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ उसकी सतत मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।
समय-सीमा प्रकरणों की हुई समीक्षा
बैठक में विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों, समय-सीमा प्रकरणों एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
