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कलेक्टर कन्याल ने देखा ड्रिप-मल्चिंग से मिर्च की खेती का मॉडल, एक एकड़ में 4 लाख रुपए शुद्ध लाभ की उम्मीद

 कलेक्टर कन्याल ने देखा ड्रिप-मल्चिंग से मिर्च की खेती का मॉडल, एक एकड़ में 4 लाख रुपए शुद्ध लाभ की उम्मीद


चांचौड़ा के किसान महेश प्रजापति ने सोयाबीन-मक्का की परंपरागत खेती छोड़ अपनाई हाइब्रिड मिर्च; गुना के किसानों का रुझान उद्यानिकी फसलों की ओर



गुना। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री किशोर कन्याल ने चांचौड़ा विकासखंड के ग्राम लालपुरिया, ग्राम पंचायत रमडी में किसान श्री महेश प्रजापति के खेत का भ्रमण किया। किसान ने परंपरागत सोयाबीन और मक्का की खेती से आगे बढ़कर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में ड्रिप एवं मल्चिंग तकनीक के साथ हाइब्रिड मिर्च की खेती शुरू की है। इस मॉडल से किसान को परंपरागत खेती की तुलना में कई गुना अधिक आय मिलने की उम्मीद है।


किसान श्री महेश प्रजापति ने बताया कि उन्होंने सिंजेंटा-285 हाइब्रिड मिर्च की खेती के लिए 1 जुलाई 2026 को रोपाई की। लगभग 2 बीघा यानी करीब एक एकड़ क्षेत्र में 6 हजार पौधे लगाए गए हैं। पौधों के बीच 60×45 सेंटीमीटर की दूरी रखी गई है। अधिक उत्पादन एवं गुणवत्तायुक्त उत्पादन के उद्देश्य से खेत में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाई गई है।


160 क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य


किसान के अनुसार मिर्च की फसल से लगभग 160 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त होने की उम्मीद है। खेती में ड्रिप, मल्चिंग, पौध, खाद सहित अब तक लगभग 30 हजार रुपए की लागत आई है। किसान को इस फसल से लगभग 4 लाख रुपए तक शुद्ध लाभ मिलने की उम्मीद है।


सोयाबीन-मक्का से सब्जी की खेती की ओर


महेश प्रजापति पहले परंपरागत रूप से सोयाबीन और मक्का की खेती करते थे, जिससे एक एकड़ से लगभग 30 से 40 हजार रुपए की आय प्राप्त होती थी। उन्होंने बताया कि मिर्च की खेती में परंपरागत फसलों की तुलना में कई गुना अधिक लाभ मिलने की संभावना दिखाई दे रही है। वर्तमान अनुभव से उत्साहित होकर वे भविष्य में अधिक रकबे में ड्रिप एवं मल्चिंग तकनीक के साथ सब्जियों की खेती करने की योजना बना रहे हैं।


पानी की बचत के साथ खरपतवार नियंत्रण


ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से खेत में पानी की बचत के साथ-साथ खरपतवार नियंत्रण, श्रम की आवश्यकता में कमी तथा पौधों को संतुलित नमी उपलब्ध होने जैसे लाभ मिल रहे हैं। तकनीक के उपयोग से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि की संभावना भी बनी है।


कलेक्टर ने किसानों को दिया संदेश


भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री किशोर कन्याल ने किसान के खेत का अवलोकन कर मिर्च उत्पादन, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग एवं फसल प्रबंधन की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को परंपरागत खेती के साथ आधुनिक एवं लाभकारी उद्यानिकी फसलों को अपनाने तथा उपलब्ध तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन एवं आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। आज इस दौरान एसडीएम चांचौड़ा श्री अमित सोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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