मेरा युवा भारत के तत्वावधान में ग्राफिक्स इंस्टीट्यूट में आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस कार्यक्रम संपन्न
गुना। मेरा युवा भारत केंद्र, गुना द्वारा जिला युवा अधिकारी तनिष्क सक्सेना के निर्देशन में एवं केवट युवा मंडल के सहयोग से ग्राफिक्स इंस्टीट्यूट, गुना में आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न प्रकार की आपदाओं के प्रति जागरूक करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राफिक्स इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर कपिल जैन उपस्थित रहे। वहीं विशेष अतिथियों के रूप में शिक्षक रोहित जैन, मयंक भार्गव आदि ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में केवट युवा मंडल के अध्यक्ष ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया।
होमगार्ड डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट राजकुमार पथरौल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आए एसडीआरएफ एवं होमगार्ड के मास्टर ट्रेनर आर्यन चौहान, कपिल मिश्रा, राधेश्याम कुशवाह एवं मनोज रघुवंशी ने उपस्थित युवाओं को विभिन्न प्रकार की आपदाओं, उनसे जुड़े जोखिमों तथा उनसे निपटने के प्रभावी तरीकों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना में घायल अथवा बेहोश व्यक्ति को प्राथमिक सहायता देने एवं आवश्यकतानुसार सीपीआर (CPR) देने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही आग लगने की स्थिति में अग्निशमन उपकरणों के उपयोग तथा आग पर नियंत्रण पाने के उपायों की जानकारी दी गई। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने, बचाव के विभिन्न तरीकों तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध घरेलू सामग्री की सहायता से उपयोगी बचाव सामग्री तैयार करने के बारे में भी बताया गया।
इसके अतिरिक्त, अन्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के संभावित खतरों, उनसे बचाव के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों के संबंध में भी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर युवाओं को संदेश दिया गया कि आपदा के समय जागरूकता, सतर्कता, सही निर्णय और समय पर की गई सहायता किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि समाज में आपदा प्रबंधन एवं जनसुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आपदा के समय घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेने, स्वयं सुरक्षित रहने तथा दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहने का संदेश दिया गया।
