जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं पर कलेक्टर सख्त
108 एंबुलेंस की आठ गाड़ियां मेंटेनेंस पर मिलने पर जताई कड़ी नाराजगी, जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई के निर्देश
एंबुलेंस के एवरेज रिस्पांस टाइम और मरीजों के फीडबैक की प्रतिदिन होगी समीक्षा
Guna-
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने आज जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। 108 एंबुलेंस की आठ गाड़ियां मेंटेनेंस पर होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एंबुलेंस सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, मरीजों के फीडबैक और अस्पताल की व्यवस्थाओं में कमियों को दूर करने के लिए नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
108 एंबुलेंस सेवा में लापरवाही पर सख्त रुख, जवाबदेही तय करने के निर्देश
डॉक्टरों एवं अस्पताल स्टाफ के साथ बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं और 108 एंबुलेंस की उपलब्धता की समीक्षा की। इस दौरान आठ एंबुलेंस के मेंटेनेंस पर होने की जानकारी सामने आने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई करने, संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने तथा कंपनी के मुख्यालय को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने एंबुलेंस के डेस्क बोर्ड की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा मरीज तक एंबुलेंस पहुंचने में लगने वाले समय का औसत रिस्पांस टाइम प्रतिदिन तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और समयबद्ध संचालन पर नियमित नजर रखी जाए।
एंबुलेंस में पैसे मांगने की शिकायत पर तत्काल दें सूचना
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि एंबुलेंस चालक मरीज या उसके परिजनों से पैसे की मांग करता है, तो वाहन का नंबर नोट कर चालक का फोटो लें और तत्काल 108 नंबर पर सूचना दें। उन्होंने एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता एवं उसकी स्थिति सुनिश्चित करने के लिए वीडियो कॉल के माध्यम से जांच करने के निर्देश भी दिए।
डिलीवरी के बाद मरीजों से लिया जाएगा फीडबैक
कलेक्टर ने मेटरनिटी वार्ड का निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक डिलीवरी के बाद संबंधित मरीज से फीडबैक लिया जाए, ताकि यह जानकारी मिल सके कि प्रसव के दौरान किसी प्रकार की राशि की मांग तो नहीं की गई। इस व्यवस्था को नियमित रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद उन्होंने नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का भी निरीक्षण किया।
इलाज और अस्पताल की सुविधाओं पर प्रतिदिन होगी निगरानी
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मरीजों से उनके इलाज, चिकित्सकों के व्यवहार और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में नियमित फीडबैक लिया जाए। प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों के आधार पर कमियों को चिह्नित कर उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने फीडबैक रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार करने तथा व्यवस्था की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
सिंगल सर्विस विंडो और निर्माण कार्यों की समीक्षा
कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय की सिंगल सर्विस विंडो पर लगे पुराने एवं अव्यवस्थित बोर्डों को हटाकर व्यवस्थित तरीके से लगाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन नवीन भवन का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति एवं भौतिक स्थिति की जानकारी भी ली।
इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में पूर्व में हुई छत से चोरी की घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री देवांशु शिवहरे, डिप्टी कलेक्टर सुश्री महिमा चौधरी सहित जिला चिकित्सालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
