सिरसी थाना क्षेत्र से गुमशुदा नाबालिग किशोरी को पुलिस ने सुरक्षित दस्तयाब कर, परिजनों से मिलाया
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेनशील एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोजबीन हेतु संवेदनशीलता के साथ कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में सिरसी थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविन्द गौर और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिवार से मिला दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 02 मई 2026 को सिरसी थाने पर एक पिता की ओर से अपनी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री के दिनांक 27 अप्रैल 2026 की रात्रि में घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 28/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश प्रारंभ की गई ।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती वासल द्वारा जिले में नाबालिगों से संबंधित मामलों में शीघ्र एवं संवेदनशील कार्यवाही हेतु लगातार दिए जा रहे निर्देशों के तहत पुलिस द्वारा अपहृता की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई । संकलित सूचनाओं के आधार पर सभी संभावित जगहों पर किशोरी को खोजने के सघन प्रयास किए गए जिसके परिणाम स्वरुप आज दिनांक 12 मई 2026 को किशोरी के संबंध में पुलिस को जानकारी मिलने पर सिरसी थाना पुलिस द्वारा तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
सिरसी थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविन्द गौर, सउनि गुणसागर मीना, प्रधान आरक्षक विजय सिंह परिहार, आरक्षक रविन्द्र पाल, आरक्षक राजू पाल, आरक्षक दीपक दांगी, आरक्षक राहुल रघुवंशी, आरक्षक भूर सिंह, आरक्षक नरेश परिहार एवं ऊमरी चौकी से महिला आरक्षक पूनम रघुवंशी का सराहनीय योगदान रहा है ।
