जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल की बूंद को सहजने का करें कार्य – कलेक्टर श्री कन्याल
अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक आयोजित कर दिये आवश्यक निर्देश
गुना,
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में आज जल गंगा संवर्धन अभियान के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे सहित विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों के परामर्शदाता उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री कन्याल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी अभियान की सफलता उसके स्थायी प्रभाव पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि केवल गतिविधियों का आयोजन पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह आवश्यक है कि समाज में जागरूकता का दीर्घकालिक प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का कार्य करें।
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल की बूंद को सहजने का कार्य किया जाये। जन अभियान परिषद इस दिशा में महत्वपूर्णं कार्य कर रहा है। अभियान के तहत खेत तालाब, कूप रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण तथा पुरानी जल संरचनाओं का पुनर्जीवन किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत कुएं, तालाब, बावड़ी एवं नहरों की साफ-सफाई, गहरीकरण, पुनर्जीवन, पौधारोपण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा जल गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सामूहिक श्रमदान एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।
अभियान के संबंध में जिला समन्वयक जन अभियान परिषद श्रीमती मंजूषा सोलोमन ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला गुना द्वारा जिले के पांच विकासखंडों आरोन, बमोरी, चांचौड़ा, गुना एवं राघौगढ़ में कुल 14 प्रकार की गतिविधियों का संचालन किया गया। अभियान अंतर्गत निर्धारित 645 लक्ष्यों के विरुद्ध 1255 गतिविधियां पूर्ण कर उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की गई है।
उन्होंने बताया कि “नारा लेखन” गतिविधि में लक्ष्य 125 के विरुद्ध सर्वाधिक 313 कार्य संपादित किए गए। “नदी अनुरूपी पौधारोपण एवं पौधा वितरण” के अंतर्गत 163 गतिविधियां संचालित हुईं, जबकि “जल चौपाल एवं संवाद” के तहत जिले में 157 कार्यक्रम आयोजित किए गए। “जल स्रोतों एवं मंदिर स्थापना” के 51 कार्य तथा “कुआं, बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण” के 65 कार्य संपन्न किए गए।
इसके अतिरिक्त “जल स्रोतों पर नुक्कड़ नाटक जागरूकता” के अंतर्गत 159 कार्यक्रम आयोजित किए गए। “मानस पाठ एवं भजन संध्या” के 32 आयोजन तथा “कलश यात्रा” की 26 गतिविधियां संपन्न हुईं। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ “वृक्ष पूजन” के 150 कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा “प्रभात फेरी” के माध्यम से 25 स्थानों पर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। विकासखंड गुना में सर्वाधिक 80 नारा लेखन गतिविधियां आयोजित की गईं।
बैठक के अंत में सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे ने राम टेकरी एवं उसके आसपास वृह्द स्तर पर पौधरोपण कर उसके संरक्षण के निर्देश दिए।
