उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वितरण ट्रांसफार्मरों की रिकंडीशनिंग और लोड बैलेंसिंग की जाए : प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग
गुना
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कि प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने बताया कि उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान और बिजली संबंधी सेवाएं उनके परिसर के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में 14 मई से शुरू किये जा रहे 'सम्पर्क अभियान 2026' में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ प्रदान किया जाए। इस 12 माह तक चलने वाले विशेष अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं की त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग और अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाए। यह बात प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने मंगलवार को गुना जिले में विद्युत आपूर्ति एवं विद्युतीय कार्यों की प्रगति को लेकर गुना वृत्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कही। समीक्षा बैठक में मुख्य महाप्रबंधक (ग्वालियर क्षेत्र) श्री विनोद कटारे, महाप्रबंधक गुना वृत्त श्री अशोक कुमार शर्मा सहित सभी उप महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि संपर्क अभियान 2026 में बिजली उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनको त्वरित सेवाएं और समाधान उपलब्ध कराते हुए उपभोक्ता संतुष्टि में वृद्धि कर कंपनी के कामकाज को उपभोक्ता उन्मुखी बनाने के प्रयास किये जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संपर्क अभियान के प्रारंभ होने से पूर्व ही घर-घर जाकर शत-प्रतिशत सर्वे किया जाए तथा उनकी शिकायतों का कैंप लगने से पूर्व ही निराकरण करना सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की मांग पर मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पम्प कनेक्शन प्रदान किये जाएं साथ ही भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थाई कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवायसी और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतें, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज की समस्या और ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि भुगतान, समाधान योजना तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किया जाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनको त्वरित सेवाएं और समाधान उपलब्ध कराते हुए उपभोक्ता संतुष्टि में वृद्धि कर कंपनी के कामकाज को उपभोक्ता उन्मुखी बनाना है।
प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि संपर्क अभियान 2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए नगर पंचायत, नगरीय निकाय, पार्षद, सरपंच, पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग का सहयोग लिया जाए। उन्होंने संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं की बिलिंग और अन्य सभी शिकायतों का तत्काल निराकरण करने के साथ ही मात्र 5 रुपये में कृषि पम्प कनेक्शन प्रदान करने के निर्देश दिए। भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थाई कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवायसी और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतें, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज की समस्या और ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि भुगतान, समाधान योजना तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी और लाभ शिविर के दौरान प्रदान करने के लिए कहा।
अपील
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 14 मई से शुरू होने वाले इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी शिकायतों का निराकरण कराएं और कंपनी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं। बिजली उपभोक्ता संपर्क अभियान 2026 संबंधी किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी बिजली वितरण केन्द्र/जोन अथवा कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।
प्रबंध संचालक ने निर्देशित किया कि फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जाँच किये जाने के साथ ही बिजली व्यवस्था को बेहतर करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मैदानी क्षेत्रों में वितरण ट्रांसफार्मरों की रिकंडीशनिंग और लोड बैलेंसिंग की जाए। प्रबंध संचालक ने कहा कि 33/22 के.व्ही. सबस्टेशनों, 33/11 के.व्ही. लाइनों का प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि ट्रिपिंग से होने वाले विद्युत व्यवधान को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का उपभोक्ता संतुष्टि के साथ समय-सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। प्रबंध संचालक ने बैठक में स्पष्ट किया कि बिजली चोरी की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाए और इन्फॉर्मर स्कीम का सतत् प्रचार-प्रसार किया जाए। सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं तथा प्रति यूनिट नगद राजस्व वसूली को बढ़ाते हुए बिलिंग दक्षता एवं कलेक्शन में वृद्धि कर राजस्व संग्रहण को बढ़ाया जाए।
