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जिले में है पर्याप्‍त उर्वरक मौजूद, नही होगी खाद की कमी

 जिले में है पर्याप्‍त उर्वरक मौजूद, नही होगी खाद की कमी



गुना 


उपसंचालक कृषि श्री संजीव शर्मा ने बताया कि वर्तमान में जिले में पर्याप्‍त खाद उपलब्‍ध है जिसकों प्राथमिक सहकारी समितियों,प्राइवेट डीलर,एमपी एग्रो, एवं डबल लॉक केन्‍द्रों के माध्‍यम से वितरित कराया जा रहा है। जिले में ई विकास प्रणाली के माध्‍यम से प्रतिदिन प्रत्‍येक डबल लॉक केन्‍द्र पर 300-300 टोकन, 86 सहकारी समितियों, एम0पी0 एग्रो एवं प्राइवेट डीलरों के 100-100 टोकन जारी किये जा रहे है।


      कलेक्‍टर श्री किशोर कुमार कन्‍याल द्वारा उपसंचालक कृषि, उपायुक्‍त सहकारिता, जिला विपणन अधिकारी,प्रतिनिधि जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक जिला गुना को विभिन्‍न निर्देश दिये गये।


प्रत्‍येक डबल लॉक केन्‍द्रो, सहकारी समितियों पर उपलब्‍ध उर्वरकअनुसार स्‍टाक को पूर्णत ई टोकन प्रणाली पर प्रदर्शित किया जाकर अधिक से अधिक कृषकों के ई टोकन जारी करायें जावे। कृषकों द्वारा जारी ई टोकनों पर दर्ज खाद को अविलंव प्रदाय किया जावें ।


जिलें के सभी सहकारी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केन्‍द्रो में एनएफएल/रैल्‍वे रैक से प्राप्‍त होने वाले एनपीके एवं यूरिया उर्वरकों का भण्‍डारण किया जावें जिससे की जिलें में खाद की पर्याप्‍त उपलब्‍धता बनी रहें ।


गुना जिले में ई विकास प्रणाली के माध्‍यम से कृषकों को उर्वरक उपलब्‍ध कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है। जिलें में आज दिनांक को यूरिया 9563 मे0टन, टीएसपी,1158 मे0टन, एनपीके 4200 मे0टन,एसएसपी 3444 मे0टन एवं एमओपी 109 मे0टन खाद कृषकों को वितरण हेतु उपलब्‍ध है। जिले में आज दिनांक तक यूरिया 6496 मे0टन, टीएसपी/डीएपी 1839 मे0टन, एनपीके 2091 मे0टन, एसएसपी 639 मे0टन एवं एमओपी 09 मे0टन खाद कृषकों को प्रदाय किया जा चुका है ।


    आगामी खरीफ सीजन को देखते हुये डीएपी एवं एनपीके खाद की मांग की गई है विषम वैश्विक परिस्थितियों के उपरांत भी भारत सरकार द्वारा प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ति निर्वाध तथा तय कार्यक्रम अनुसार निरंतर की जा रही है


     उन्‍होंने किसान भाइयों से अनुरोध किया हैं कि कृषक ई विकास प्रणाली के माध्‍यम से 24 घंटे में कभी भी अपनी सुविधाजनक सहकारी समिति, डबल लॉक केन्‍द्र, निजी उर्वरक विक्रेता, से कर खाद क्रय कर सकतें है,सभी कृषक अपनी बोई जाने वाली वास्‍तविक फसल का चयन कर आईसीएआर से अनुशंसित मात्रा में खाद बुक कर सकते है।


     कृषक भाई फसल की बोबनी हेतु डीएपी के स्‍थान पर एनपीके उर्वरक  का उपयोग अधिक प्रभावी है। कृषक अपनी फसलों में समय से नेनौ उर्वरकों का प्रयोग भी कर सकते है जो आसानी से उपलब्‍ध होने के साथ ही दानेदार यूरिया के समान ही प्रभावी है।

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