गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम, बछड़ों के कास्ट्रेशन और कृत्रिम गर्भाधान पर होगा विशेष फोकस
कलेक्टर ने सानई गौशाला का किया निरीक्षण, बेहतर दुग्ध उत्पादन और स्वच्छ व्यवस्थाओं के लिए दिए निर्देश
गुना
जिले की गौशालाओं को अधिक व्यवस्थित, आत्मनिर्भर एवं उत्पादक बनाने की दिशा में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने पहल करते हुए आज कुंभराज क्षेत्र के ग्राम सानई स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौवंश के संरक्षण के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उपायों पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर श्री कन्याल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशाला वैज्ञानिक पद्धति से कास्ट्रेशन (बधियाकरण) कराया जाए तथा कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर नस्ल संवर्धन एवं उन्नत प्रबंधन से दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे गौशालाओं के संचालन को और अधिक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान गौशाला प्रबंधन द्वारा बरसात के मौसम में जलभराव एवं कीचड़ की समस्या से बचाव के लिए तीन शेड निर्माण की आवश्यकता बताई। इस पर कलेक्टर श्री कन्याल ने संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौवंश के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
कलेक्टर ने गौशाला में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि गौशाला के समीप ही हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही भूसे एवं पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे वर्षभर गौशाला का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। उन्होंने गौशाला प्रबंधन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे, एसडीएम चांचौड़ा श्री रवि मालवीय, तहसीलदार श्री कमल मंडेलिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
