*गुमशुदा अथवा अपहृत नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की सतत एवं संवेदनशील कार्यवाही*
*चांचौड़ा थाना पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजन से मिलाया
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल, संवेदनशील एवं मानवीय नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण अथवा गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी शीघ्र एवं सुरक्षित दस्तयाबी के लिए निरंतर प्रभावी, संवेदनशील एवं परिणाममुखी कार्यवाहियां की जा रही हैं ।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में चांचौड़ा थाना पुलिस ने नाबलालिग बालिका के अपहरण के मामले में सक्रियता पूर्वक कार्यवाही करते हुए अपहृता को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिजनों से मिला दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 31 अगस्त 2026 को चांचौड़ा थाने पर एक पिता द्वारा अपनी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के दिनांक 29 अगस्त 2026 की रात से लापता होने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । मामले में पुलिस द्वारा तत्काल अपराध क्रमांक 286/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर अपहृता की तलाश प्रारंभ की गई ।
थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका के अपहरण की घटना को गंभीरता से लेकर चांचौड़ा थाना पुलिस द्वारा अपहृता की तलाश हेतु तत्परता से कार्यवाही करते हुए अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया, साथ ही तकनीकी संसाधनों एवं अन्य माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए बालिका की निरंतर खोजबीन की गई । इसमें पुलिस के निरंतर प्रयासों एवं सक्रिय सूचना तंत्र के परिणामस्वरूप आज दिनांक 29 सितंबर 2026 को बालिका के संबंध में मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर चांचौड़ा थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए अंतत: अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया ।
दस्तयाबी के उपरांत आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया । बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा श्रीमती डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूर्ण किए जाने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया ।
चांचौड़ा थाना पुलिस की इस तत्पर और सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया के नेतृत्व में बीनागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, सउनि बृजेश देवरिया एवं महिला आरक्षक कविता शर्मा की सराहनीय भूमिका रही है ।
गुना पुलिस द्वारा नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा एवं उनकी सकुशल दस्तयाबी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी प्रकार संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रभावी पुलिसिंग के साथ निरंतर कार्यवाही जारी रखी जाएंगीं ।
