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वंदेमातरम् एक गीत नहीं बल्कि भारत की आत्मा है

 "वंदेमातरम् एक गीत नहीं बल्कि भारत की आत्मा है"





Raghogarh -विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित नमामि भारतम् सामूहिक वंदेमातरम् गायन का कार्यक्रम आज दिनांक 25 सितंबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर लालापुरा राघौगढ़ में संपन्न हुआ।

गरिमामय  एवं राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत  इस कार्यक्रम में  प्रबुद्धजन , मातृशक्ति , अभिभावक बंधु, समाज के गणमान्य नागरिक, विद्यालय की भैया बहिन एवं समस्त आचार्य परिवार सम्मिलित रहा।  मुख्यअतिथि श्री डॉ जवाहर  लाल  द्विवेदी (पूर्व प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय राघौगढ़ ), अध्यक्ष डॉ माया परस्ते (प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय राघौगढ़), विशिष्ट अतिथि श्री डॉ अजय सिंह चंद्रवंशी (शासकीय शिक्षक बीएसी राघौगढ़) ब्लॉक, कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती चंचल शर्मा दीदी, विद्यालय के प्राचार्य   श्री शिवकुमार तिवारी जी के द्वारा मां सरस्वती प्रणवाक्षर ओम और भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथि परिचय कार्यक्रम की संचालक दीदी  श्रीमती सिंकी साहू के द्वारा किया गया। कक्षा दसवीं के भैया बहिनों द्वारा मंचासीन अतिथियों का स्वागत श्रीफल, अंग वस्त्र प्रदान करके किया गया। मुख्य वक्ता श्री डॉ जवाहरलाल द्विवेदी जी ने बताया कि वंदेमातरम्  केवल एक गीत नहीं है यह भारत की आत्मा है यह एक ऐसी चेतना है जिसके द्वारा आने वाली पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत किया जा सकता है। वंदे मातरम में राष्ट्र के प्रति भक्ति का ही दर्शन मिलता है। इसके सभी छंद भारत माता के गुणगान का बखान करते हैं। इसमें ज्ञान की देवी मां सरस्वती भारत माता एवं दुर्गा माता का बखान है यह तीनों ही शक्ति का प्रतीक है। आने वाली पीढ़ी और राष्ट्रीय हित में वंदे मातरम के गायन के साथ-साथ इसके भाव को भी हम सभी को समझने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ माया परस्ते दीदी ने भी सभी भैया बहिनों को शुभकामना देते हुए कहा कि आप सभी शिशु मंदिर के छात्र हैं और आप सभी के अंदर देशभक्ति का यह गीत हमेशा गुंजता रहता है और मुझे गर्व है कि आज मैं भी इस महा अभियान का हिस्सा बनी हूं। इस कार्यक्रम में लगभग 774 व्यक्तियों के द्वारा सामूहिक  वंदेमातरम् का गायन एक समय, एक स्वर ,एक लय में किया गया। यह सभी आज के इस विशेष दिन के साक्षी थे और यह अविस्मरणीय पल शिशु मंदिर के लिए बना। प्रातः 11:00 बजे सामूहिक वंदे मातरम गायन में समस्त आचार्य परिवार सेवक सेविका  भैया बहिन एवं समाज जन उपस्थित रहे।

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