*गुमशुदा नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की सतत कार्यवाही*
मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र से अपहृत नाबालिग बालिका को राजगढ जिले से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजन से मिलाया
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेते हुए उनकी शीघ्र दस्तयाबी के लिए निरंतर प्रभावी एवं परिणाममुखी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन तथा डीएसपी मुख्यालय और प्रभारी एसडीओपी श्री जमीलउद्दीन सिद्दीकी के पर्यवेक्षण में मधुसूदनगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे और उनकी टीम ने थाना क्षेत्र से लापता एक नाबालिग बालिका को राजगढ जिले के सुठालिया से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 15 अगस्त 2026 को फरियादी द्वारा अपनी 16 वर्षीय नाबालिग भतीजी के दिनांक 11 अगस्त 2026 से लापता होने की सूचना मधुसूदनगढ़ थाने में दर्ज कराई गई थी । शिकायत के आधार पर मधुसूदनगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 121/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर पुलिस द्वारा बालिका की तलाश प्रारंभ की गई ।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए अपहृत बालिका की तलाश हेतु अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा विभिन्न तकनीकी संसाधनों एवं अन्य माध्यमों से बालिका की तलाश के व्यापक प्रयास किए । इसमें पुलिस के लगातार सूचना संकलन एवं संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन के परिणामस्वरूप बालिका के राजगढ जिले के सुठालिया में होने की जानकारी मिलने पर मधुसूदनगढ़ थाने से पुलिस की एक टीम सुठालिया पहुंची औ जहां से दिनांक 13 सितंबर 2026 को बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर थाने लेकर आये । जहां पर विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे, उपनिरीक्षक अजय सिंह चौहान, उपनिरीक्षक पंजाब सिंह, उपनिरीक्षक अंजली गुप्ता, प्रधान आरक्षक संदीप कुमार, आरक्षक संजीव रघुवंशी एवं महिला आरक्षक रीना राजपूत की विशेष भूमिका रही है ।
